10 mukhi rudraksha को धारण करने की विधि एवं लाभ

10 mukhi rudraksha

भगवान् विष्णु के प्रमुख दस अवतारों की शक्ति-से संपन्न होने के कारण यह रुद्राक्ष मनुष्य की समस्त कामनाओं का पूरक, संकट-नाशक और रोग-शोक निवारक सिद्ध हुआ है। इसे धारण करने वाले को भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

10 mukhi rudraksha

दशवक्त्रस्तु देवेशः साक्षाद्देवो जनार्दना,
ग्रहश्चैत पिशाचाश्च बेताला ब्रह्मराक्षसाः।
पन्नागाश्चोपशाम्ययति दशर्वक्त्रस्य धारणात्।।

10 mukhi rudraksha
इन सभी के बारे मे भी जाने |
1.पांच मुखी रुद्राक्ष को धारण करने की विधि एवं लाभ
2.एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने की विधि संस्कृत श्लोकों, मन्त्रों द्वारा
3.रुद्राक्ष की असली नकली की पहचान और उसके रंग

दसमुखी रुद्राक्ष जनार्दन अर्थात विष्णु का स्वरूप है। ग्रह, पिशाच, वेताल, ब्रह्मराक्षस, पन्नगादि सब इस रुद्राक्ष से शांत हो जाते हैं। अर्थात इसके धारण करने वाले मनुष्य के सब ग्रह शांत रहते हैं, उसे किसी काम का भय नहीं रहता।

दशमुखी रुद्राक्ष के धारण करने की विधि

ॐ ह्रीं क्लीं क्रीं ओम्। इति मन्त्रः।। अस्य श्री जनार्दनमन्त्रस्य नारदऋषिः अनुष्टुप्छन्दः जनार्दनो देवता श्री बीजं ह्रीं शक्तिः अभीष्टसिद्धियर्थे रुद्राक्षधारणार्थे जपे विनियोगः। नारदऋषये नमः शिरसि, अनुष्टुप्छन्दसे नमो मुखे: जनार्दनदेवतायै नमो हदि, श्रीं बीजाय नमो गुहो, ह्रीं शक्तये नमः पादयोः।। (अथकरन्यास) ॐ ॐ अंगुष्ठाभ्यां नमः श्री तर्जनीभ्यां स्वाहाः, ॐ ह्रीं मध्यमाच्या वषट्, ॐ क्ली अनामिकाभ्यां हुँ, ॐ वीं कनिष्ठकाभ्यां वौषट्, ॐ ॐ करतलकरपृष्ठाभ्यां फट् । (अथाङ्गन्यास:) ॐ ॐ हृदयाय नमः ॐ श्रीं शिरसे स्वाहा, ॐ ह्रीं शिखायै वषट् ॐ ह्रीं कवचाय हुँ, ॐ वीं नेत्रत्रायय वौषट्, ॐ ॐ अस्त्राय फट् (अथ ध्यानम्) विष्णु शारदचन्द्र कौटिसदृशं शंखं रथांगं गदामम्भोजं दधतं सिताव्जनिलयं कात्यां जगन्मो हनम् । आबद्धांगदहारकुण्डमहामौलिस्फुरत्कंकणं जीवात्सांकमृदारकौस्तुभधरंवन्देमुनीन्दैस्तुतम्।

॥ इति दशमुखी.॥

10 mukhi rudraksha का स्वामी दसों दिशाएं हैं। भगवान् विष्णु इसके देवता हैं। इसके धारण  करने से दसों दिशाओं में कीर्ति बढ़ती है। सर्वग्रह शांत रहते हैं, ऐसी इसमें शक्तिरहती है।

नोट-दसमुखी संपूर्ण कामनाओं की पूर्ति करने वाला रुद्राक्ष है। इसे निम्न मंत्र से धारण करना चाहिए-
“ओम् ह्रीं नमः”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here