Bounce Rate क्या है और कैसे कम करे ?

क्या आपको पता है Bounce Rate क्या है (What is bounce rate in SEO) और इसे कम कैसे करे,
अगर आप blog या website को run करते हैं. तो आप ये word के बारे मे जानते होने या जरूर सुने  होंगे,पर आपको इसकी पूरी और satik जानकारी होनी चाहिए नहीं तो आप एक success blogger कभी नहीं बन पाओगे |

अगर किसी site का Bounce Rate average rate से ज्यादा हैं तो उस ब्लॉग की DA (Domain Authority),PA (Page Authority) और PR (Page Ranking) कभी नहीं बढ़ेगा हमेशा down ही रहेगा |

Bounce रेट बढ़ने का यही मतलब होता है की आपकी blog या website मे दम नहीं है  वो content की  quality नहीं है जो यूजर को blog पर रोक सके, time expend करवा सके |

अगर आपका Blog या website न्यू (new) है  तो bounce rate को बढ़ना आम बात है सुरुवात मे सभी के साथ ऐसा ही होता हे और इससे आपको ज्यादा हानी भी नहीं होता क्यूंकि न्यू blog या वेबसाईट सुरुवात के दिनों मे गूगल के first page या top 10 मे भी नहीं रैंक करता है जिससे बढ़ा हुआ बाउन्स रेट का असर नहीं दिखता है  लेकिन अगर आपका साइट पुराना है और bounce रेट दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है  तो आपकी site पर बुरा प्रभाव पड़ेगा.

अगर आपकी site गूगल मे टॉप 10 Position  पर रैंक कर रहा है  तो Bounce Rate  के कारण वो 15 – 20 या इसे भी ऊपर के Position मे जा सकता हे |

लेकिन परेशान होने की कोई बात नहीं क्यूंकि आज का ये Post पढने के बाद आपके site का bounce Rate जरुर कम हो जायेगा.

Bounce Rate क्या है और इसे कैसे कम करे?

Bounce Rate क्या है

Google के अनुसार “Bounce Rate” की परिभाषा इस प्रकार है:

Bounce Rate  single-पेज का प्रतिशत है (यानी Session जिसमें व्यक्ति ने आपकी साइट को Page के साथ ज्यादा time दिए बिना मतलब जिस पेज वो देख रहा हो उससे तुरंत बाहर आजना ) हैं ।

चलिए इसे थोड़ा और सरल बनाते हैं। बाउंस दर का मतलब उन visitors का percentage है जो आपके पेज पर तो आते है लेकिन कोई दूसरा पेज पे क्लिक किये बिना ही वापस चले जाते है | Back हो जाते हैं किसी दूसरे वेबसाईट पर |

यदि कोई व्यक्ति आपकी साइट से “Bounce” करता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने आपकी कोई भी content नहीं पढ़ी है या आपके पेज पर क्या है, इसे देखें बिना वह back हो गया । यह Bounce Rate  के बारे में सबसे बड़ी गलत-फहमियाँ में से एक है। इसका अर्थ है कि visitor केवल आपकी site पर इस एक page को ही देखा,

और किसी अन्य को नहीं देखा इसे केवल Bounce कहा जाता है क्योंकि वे संभवतः search result में वापस (“Bounce”) हो गया , या तो अन्य विकल्प देखने के लिए back हुआ है |

यदि कोई visitor Google search के माध्यम से आपकी साइट पर आता है और अपने ब्राउज़र में बैक बटन पर क्लिक करने से पहले कम से कम एक और पेज पर जाता है, तो उन्हें bounce rate के बजाय एक exit rate मीट्रिक में गिना जाएगा।

दूसरी बात ध्यान देने वाली हैं की अगर आपके website या blog पर visitors आये और तुरंत वापस चले गए बिना किसी दुसरे page को खोले या आपके article को पढ़े ही,अगर ऐसा हो रहा है तो इससे ये साबित हो रहा की आपकी site के Post इतने Interesting नहीं है जो visitor को रोक सके या फिर आप इसमें ज्यादा Valuable content नहीं डाल रहे हैं जिससे वो जानकारी ले सके.

इसके अलावा ये भी हो सकता है की इसकी website design या Theme भी कुछ ख़ास नहीं है, heading भी attractive नहीं है. अगर Bounce Rate ज्यादा हो रहा है तो आपको समझ जाना चाहिए की आपके site के visitors कम हो रहे है और अगर visitor कम हुए तो rank में कमी आएगी और finally income भी कम होगा. तो एक उदाहरण के जरिरे आपको अच्छे से Bounce Rate क्या है समझाता हूँ.

अगर एक website या फिर एक blog है, जिसका Bounce Rate अगर 45% या इससे अधिक हैं. तो इसका मतलब उस website में 45% visitor ऐसे हैं जो की एक page खोलते है और वो बिना time expend किये बिना तुरंत ही वापस चले जाते हैं. शायद उनके पढने लायक उन्हें कुछ न मिला हो. इसके होने के कई कारण हो सकते हैं जिनके विषय में हम आगे जानेंगे. तो चलिए हम जानते हैं bounce Rate कितने होने से ज्यादा अच्छा होता है site लिए.

Bounce Rate कितना होना चाहिए ?

#. जितना कम होगा उतना बेहतर होगा !

अब तक तो आपको समझ मे आ गया होगा की Bounce Rate क्या है. इसमें आप को बताऊंगा की एक website का Bounce Rate कितना होना अच्छा होता है, कितना होने से चलेगा और कोनसा आपके site के लिए बेकार है. इसे ठीक रूप से समझने के लिए मैंने इसे चार हिस्सों में बाँट दिया है.

1% से 20% is excellent
10% से 40% is average
40% से 70% is poor
70% से ज्यादा is very bad

1% से 20% के अंदर कोई blog का bounce Rate है तो वो दुनिया के कामियाब websites के list में आती है. उसे हमलोग Pro Blogger के नाम से भी जानते हैं। उसके बाद अगर 10% से 40% तक आती है तो भी बढ़िया है.जो बहुत ही ब्लॉगर हैं | वहीँ तीसरे में जो की है 40% से 70%, इसमें आम तोर पर ज्यादातर website शामिल होते हैं. जो की उतनी अच्छी नहीं है लेकिन काम चलने लायक है. जिसे contently सुधार की जरूरत हैं ।

यदि हम सभी Websites की बात करें तब कुल 75% से 80% website इसी CATEGORY में आती है. और आख़िरकार जिन websites की bounce rate 70% या उससे अधिक होती है, वो बिलकुल भी ठीक नहीं है वो गूगल के top 10 result मे नहीं आ सकते हैं एसे bounce rate लेकर और उन्हें अपने website सुधार की जरूरत हैं.
अब जानते है किन किन गलतियों से bounce Rate ज्यादा हो ज्याता है.

Bounce Rate को कम कैसे करें?

तो चलिए अब सुरू करते हैं की किन तरीकों से आप Bounce Rate को कम करें.

1. Quality Content

आप अपने site में Quality वाले Content ही डाले quantity को बढ़ाने मे बेकार का content ना डाले.
आप अपने आप को brand बनाने के लिए ही high quality content को डाले जिससे आपके site को Brand बनाने में काफी मददगार होगी और Brand का मतलब आप समझते ही होंगे.

अगर आप site के Branded और valuable Content पे ज्यादा ध्यान देंगे तो आपको थोडा वक्त लगेगा लेकिन rank हो जाने के बाध site trustable हो जाएगा विज़िटर के नजर मे और आप अपनी goal तक जल्दी पहुँच जाओगे. आपका Content अगर Quality वाला नहीं होगा तो visitor अपना answer को ढूंढने किसी our site पर चला जाएगा , क्यूंकि ऐसे बहुत से websites हैं जो की आपकी website की तुलना में बेहतर content प्रदान कर रहे होंगे. जैसे अगर आप Content लिख रहे हैं|

अगर आप गलत information दे रहे हैं अपनी Site में तो User उसके हिसाब से गलत Decision लेगा जो कि गलत Result लेकर आएगा.,इसलिए ऐसा कभी भी ना करे |

आप अपने Content का size कम से कम 500 से 1000 Word रखें और Simple बोल चाल की भाषा का इस्तेमाल करें जिस्से Visitor को जल्दी से समझ में आये की आप क्या समझना चाह रहे हो जिससे site के उपर भरोसा बढेगा. अगर आप Quality Content देंगे तो आपके साइट का bounce rate बहुत ही कम रहेगा जो site के लिए अच्छा हैं ।

2. Page Load (Speed) Time पे ध्यान दें ।

Fast loading page विजिटर को बेहतर User experience देता है। देखा जाए तो website का पहला पहचान यही से शुरू होता हैं की website कैसा हैं |
कोई भी slow loading websites पर user visit करना पसंद नहीं करता है। यदि आपकी साइट slow load हो रहा है, तो विजिटर तुरंत आपकी साइट को छोड़ देगा। और परिणामस्वरूप, यह आपकी Website का bounce rate को बढ़ा देगा।
अगर आपके site का page लोड time :

1 second से कम मतलब Excellent
1 second से 3 Second मत्लत- Good
3 second से 7 second मतलब- Bad
7 से ज्यादा मतलब- Very poor

इसीलिए अपनी साइट की Loading speed में सुधार करें। वेबसाइट लोडिंग स्पीड को बेहतर बनाने के लिए यहां Quick Techniques दिए गए हैं:-

  • PHP 7.2 में upgrade करें
  • अपनी Image size को Optimize करें
  • केवल उपयोगी plugins को रखें
  • Unwanted media को Delete करें
  • CSS and JS Files को Minify करें
  • अच्छी Cache plugin का उपयोग करें
  • Redirects को Minimize करें
  • Lightweight theme का उपयोग करें।
  • अच्छे Web Host  का उपयोग करें।

3.अपनी साइट को Mobile Friendly बनाएं।

जैसे की हम जानते हैं की India मे mobile यूजर दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है  इसलिए हमे अपने blog को Mobile Friendly बनाना ही चाहिए जिससे वो mobile से भी अच्छे ढंग से blog को excess कर सके read कर सके |

क्या आपकी site Responsive है? जब विजिटर अपने मोबाइल से आपकी साइट पर आते हैं, तो क्या यह उनके मोबाइल में परफेक्ट दिखती है?

यदि आपकी site मोबाइल में perfectly दिखाई नहीं देगी, तो विजिटर आपकी साइट को तुरंत छोड़ देंगे। इससे आपका बाउंस रेट बढ़ जाएगा।

आपकी साइट mobile friendly है या नही इसे चेक करने के लिए आप Google developed Mobile Testing Tool का उपयोग कर सकते है। यदि आपकी साइट mobile friendly नही है, तो आपको अपनी साइट पर एक Responsive WordPress theme इनस्टॉल करने की जरूरत है।

4.Internal Link लगाए 

Internal Linking न केवल आपकी website पर user को stand करता हे बल्कि post और post मे डाला सारा internal link को भी rank करवाता हैं साथ ही बाउंस रेट को भी कम करने में मदद करता है। एक ही Domain पर एक पेज को दूसरे से जोड़ना Internal linking कहलाता है।
ये भी ध्यान रखे की जब भी visitor आपके Post के internal link पे click करे तो नए page tab में खुलना चाहिए. जिससे visitor जिस article को पढ़ रहा था वो भी एक tab में open रहेगा और दूसरा और एक tab में खुल जाये. ये भी bounce Rate को कम करता है.

5. Broken Links को ठीक करें

Broken links user experience को बहुत प्रभावित करते है। इन्हें आप fixed करके bounce rate को reduce कर सकते है और विजिटर के user experience को भी बेहतर कर सकते है।

जब आप किसी भी पेज को  move कर देते हैं,या permalink change कर देते है या डिलीट कर देते हैं, तो Broken link की समस्या उत्पन्न होती है। जब विजिटर ऐसे लिंक पर क्लिक करते है, तो उन्हें 404 page not found error दिखाई देता है। जिससे user ब्लॉग से back हो जाता हैं |

लेकिन चिंता न करें, WordPress.org में एक मुफ्त Broken Link Checker plugin है जो आपके ब्लॉग पर Broken links को fixed करने में मदद करता है। साथ ही यह plugin automatically Broken Link के लिए ‘no follow’ टैग सेट करता है ताकि search engine उन्हें follow न करें।

6.Table of Contents बनाए 

Bounce Rate क्या है

यह विजिटर का ध्यान आकर्षित करता है और आपकी कंटेंट के बारे में quick जानकारी दिखाता है। जिससे visitor जिस content के बारे मे जानकारी लेना चाहता हैं उस पर click करने से तुरंत उस पर चल जाता हैं |

word press में कई मुफ्त Plugin उपलब्ध हैं जिनका उपयोग करके आप अपनी साईट पर Table of Contents add कर सकते हैं।

7. साइट को HTTPS पर Move करें

Chrome हो या Firefox आप जो भी browser use करते हैं अगर आपका site HTTPS मे open नहीं होगा तो browser तुरंत उसे “Not Secure” के रूप में चिह्नित कर देगा ,आप इमेज मे देख सकते हैं |
जिससे user को fake या valuable site नहीं लगेगा तो यह भी एक कारण हो सकता है, विजिटर आपकी साइट को leave कर दे रहे है। इसलिए HTTPS बहुत महत्वपूर्ण है!

यदि आप अभी भी अपनी साइट पर HTTP का उपयोग कर रहे हैं, तो उसे तुरंत HTTPS में move करें। जिससे आपकी bounce rate काम हो जाएगा

8. video का उपयोग करें

site पर video रहने से यूजर का time ज्यादा extend होता हैं अगर user video को 2 minute भी देखेगा तो bounce rate नहीं होगा.
वीडियो bounce rate को कम करने के लिए शक्तिशाली औजार हैं।

video, Text या Image की तुलना में अधिक ध्यान आकर्षित करते हैं। आप अपने ब्लॉग पोस्ट की वीडियो बना सकते हैं और उसे अपनी ब्लॉग पोस्ट में add कर सकते है। यह आपके bounce rate को बहुत कम कर देगा।

9.Search Button Add करें

यदि कोई visitor आपकी site पर आता है और उसे वह article नहीं मिलती है जो वह खोज रहा था, तब search बटन वह अंतिम उपाई है जिसे विज़िटर आपकी साइट छोड़ने से पहले आज़माएगा और एक बार जरूर search करेगा |

10.Visitors Friendly Heading डालें

अपने blog मे ऐसा गलती कभी न करे की Heading कुछ और लिखे हैं और content कुछ और के बारे मे बता रहा हैं. एक site के लिए बिल्कुल ठीक नहीं हैं
दूसरी बात आपने heading को बहुत अच्छा लिखा हैं पर वह Visitor को समझ में नहीं आ रहा है की ये किस बारे मे जानकारी देना चाह रहा हैं  और जो Heading दिए हो उस के अंदर content  कुछ और Topic के बारे में लिखा गया है. इससे Visitors का भरोसा कम हो जाएगा आपके Site के ऊपर से.
Heading को हमेसा H1 tag मे ही रहना चाहिए H1 tag सर्च इंजन को यह समझने में मदद करता है कि आपका पेज किस बारे में है और आपकी Ranking को Boost करता है। लेकिन कभी भी H1 टैग को एक से अधिक बार उपयोग न करें।

11 Site Design और Look अच्छा होना चाहिए

अपनी site के design को अच्छा रखे क्यूंकि  जब आपकी साइट का looking अच्छा रहेगा तो यूजर को attract  करेगा तबी आपका content वो पढ़ेंगे दूसरी और बेकार design या look से user तुरंत बैक हो जाएंगे |

एक example आप खुद पर ले लीजिए की आप कभी भी जिस दुकान मे जो  गंदा हो या उसकी calling टूट हुआ हो, फर्स भी टूट हो गंदा हो, तो आप उस दुकान मे जाना पसंद करेंगे नहीं करेंगे न ,उसी प्रकार आपका website है  उसे भी arrange कर के रखे जहा तहां adds न लगाए text को ज्यादा colorful न बनाए ।
font color(Black) और text size(18) का सही चयन करे । Site का design simple और Readers friendly बनायें।

मेरी अंतिम निर्णय

आज की जानकारी काफी महत्वपूर्ण थी. अगर आप Blogging की  सुरुवात की हैं और तरक्की करना चाहते हो तो.  मुझे उम्मीद है की यह Article आपके लिए सही मददगार हुई होगी. अब तक आप समझ ही गए होंगे की Bounce Rate क्या है (What is bounce rate in SEO) और Bounce Rate कैसे कम करे. मैंने उपर जितने भी point मे तरीके बताया हैं उनको ध्यान में रखते हुए Blogging को आगे लेके जाएँ.

अगर अभी भी कोई सवाल आप पूछना चाहते हो तो निचे Comment Box में जरुर लिखे. आपके इन्ही comments से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा.और कोई सुझाव देना चाहते हो तो दीजिये जिससे हम कुछ नया कर सके.

Thank You…..

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