benifits of Emerald stone पन्ना धारण करने की विधि |

 Emerald Stone

पर्याय नाम-संस्कृत-पन्ना, मरकत, पाचि, गरूत्मत, हरित्मणि गफ गरतारि. सौपर्णि, गरुडोदगीर्ण।

हिन्दी-पन्ना।

मराठी-पांचू रत्न |

बंगाली-पन्ना।

फारसी-जमुईद।

अंग्रेजी- Emerald (इमराल्ड)।

परिचय

बैरूज जाति के पत्थर में एक विशिष्ट जाति का पत्थर पाया जाता हे |इसे ही पन्ना कहते हैं। पन्ना अति सुन्दर, हरी मखमली घास की तरह प्रियदर्शी हरित वर्ण का होता है। स्वर्ण के समान पीत वर्ण का व गुलाबी रंग  का भी पाया जाता है।

Emerald stone पन्ना अति प्राचीन बहुप्रचलित व मूल्यवान है। मूल्यवान रत्नों में इसका तीसरा स्थान है। इसकी कीमत का अन्दाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भारत में किसी महाराज के पास पन्ना का गिलास था। जिसकी कीमत लोगों ने उनके राज्य की सारी चल-अचल सम्पत्ति से भीअधिक आंकी।

महाराजा को घोर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। उन्होंने उस पन्ने के गिलास को घोर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। उन्होंने उस पन्ने के गिलास को बेचना चाहा। परन्तु कोई उस गिलास को खरीदने में समर्थ न हो सका। अत: उस गिलास को महाराज ने टुकड़े-टुकड़े करके बेचा।

ऐसा सुनने में आता है कि अमेरिका के किसी बड़े सेठ के पास एक पन्ना का प्याला है। जिसकी कीमत लोगों ने 27 से 30 करोड़ रुपए तक आंकी है।

प्राप्ति स्थान

Emerald stone-पाकिस्तान ,अफ्रीका , अमेरिका, ब्राजील, कोलम्बिया,मेडागास्कर द्वीप, साइबेरिया तथा भारत  में अजमेर उदयपुर, भीलवाड़ा व छतरपुर तथा दक्षिणी अमरीका की खानो में पाया जाता  है।

पन्ना ग्रेनाइट तथा पेग्मेटाइट चट्टानों के अतिरिक्त दरारों और परतदार चट्टानों के ढेरों में जन्म लेता है।

भौतिक गुण

कठोरता 7.75,आपेक्षिक घनत्व, 2.80 वर्तनांक 1.57 से 1.58, नियमित षडभुजीय आकति। दहरावर्तन (अल्प), अपकिरणन 01014 (अल्प), पारदर्शक या पारभासक। द्विपर्ण हरा या नीलाभा हरा।

रासायनिक संघटन

Emerald Stone मे  पोटैशियम, सोडियम, लीथियम, शीशियम आदि क्षारीय तत्व होते हैं।

रंग भेद-रंग भेद से पन्ना पांच रंगों में पाया जाता है।

(1) मयूर पंख के रंग के समान,

(2) हरे पाने के रंग के समान,

(3) सरसों के पुष्प के रंग के समान,

(4) हल्का सिहंवा पुष्प के समान,

(5) तोते के पंख के समान हरा रंग।

 

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पन्ना  के गुण

यदर्शी होती है। स्पर्श करने में स्निग्ध, हरा गहरा रंग अन्य पत्थरों की अपेक्षा मृदु होता है। यह भगुर गुण होने के कारण शीघ्र टूट जाता है। अत: अंगूठी में जड़वाते समय अत्याधिक साथ बरतनी पड़ती है।

 Emerald Stone

 

पन्ना के दोष

Emerald Stoneपन्ना में निम्न दोष पाए जाते हैं, अत: दोषयक्त  पन्ना कभी भी धारण नहीं करना चाहिए | अन्यथा लाभ के बदले हानी होती हे|

1. रुक्ष पन्न-इस पन्ना के द्वारा आकाश को देखने पर आकाश का रंग फटा – फटा सा दिखाई देता है, या खुरदरा हो तो इसे धारण नहीं करना चाहिए। इससे पशुओ को हानी होती है।

2. जाल-जिस पन्ना में रेखाओं के समूह से मकड़ी के जाल सा निर्माण हो उसे  धारण नहीं करना चाहिए। इससे स्वास्थ्य की हानि होती है।

3. स्वर्णमुखी-जिस पन्ना का रंग सोने के समान हो या उसका मुख पीत वर्ण का  हो।

4 गजा-चमकहीन पन्ना या उलटकर देखने पर सुन्न-सा उदास दिखाई देता इसके धारण से धन सम्पत्ति से धन सम्पत्ति की हानि होती है।

5. मधुक-शहद के वर्ण का पन्न माता-पिता को कष्ट पहुंचता है।

6. धुन्ध-डोरे के समान छोटी-छोटी टूटी हुई धारियों से युक्त पन्ना धारण करने से वंश की हानि होती है।

7. रक्त बिन्दु-लाल बिन्दु से युक्त पन्ना सुख-सम्पत्ति नष्ट करता है।

8. गड्ढे-गड्ढा युक्त पन्ना धारण करने से शस्त्राघात का भय होता है।

9. सुन्नी-पीले-पीले बिन्दुओं से युक्त पन्ना धारण करने से सन्तान हानि का भय होता है।

10. धब्बा-कालिमा धब्बेदार या छोटे-छोटे धब्बेदार पन्ना धारण करना स्त्री के लिए घातक होता है।

11. दुरंगा-दो रंग वाला पन्ना धारण करने से बल, वीर्य, बुद्धि आदि सबका हास होता है।

12. चोरील-सीधी सरल रेखा या अन्य कई रेखाओं से युक्त पन्ना धन का नाश करता हैं |

सर्वश्रेष्ठ पन्ना

जो पन्ना हरित वर्ण का भडकदार चिकनापन लिए हए पारदर्शक तथा उज्ज्वल किरणों से युक्त होता हे तथा पानीदार व बिन्दु रहित होता हैं वह श्रेष्ठ पन्न कहलाता है।

असली व नकली पन्नों की पहचान

असली पन्ना                                                                                       

1. असली पन्ना  को सान पर  चढाने से चमकने लगता हे |
2. असली पन्ना को लकड़ी पर रगड़ने से इसमे चमक  आती हैं |
3.असली पन्ने की ओर देखने से आंख को शीतलता  महसूस होती है।
4.कांच के गिलास मे पनि भरकर असली पन्ना डाल देने से  पानी  से हरे रंग रोसनी निकलती हैं |
5.  श्वेत तथा स्वच्छ वस्त्र में असली पन्ना  उचाई पर रखने से उसमे  से हरा रंग दिखाई देता हैं |
6. असली पन्ना हाथ में लेने पर हल्का मृदु व सुन्दर लगता है।
7. पन्ना सूर्य के सामने करने से हरे रंग की  छाया निकलती है।
8. असली पन्ने को हल्दी के साथ पीसने पर हल्दी के  रंग का नहीं होता |
9. Eye Glasses से पर असली पन्ना गुलाबी रंग का दिखता है।
10. असली पन्ने पर पानी की छोटी-छोटी बूदें डालने से यथावत रहती हैं।
11. असली पनने के टूटने पर चमकीली धारियां दिखाई नहीं देती |
12. असली पन्ने में चीर कांच के समान नहीं होती |
13. असली पन्ने में सफेद झुमके नहीं पाए जाते हे |
14. असली पन्ने में रेशे नहीं पाए जाते।

  नकली पन्ना

1.  नकली पन्ना सान पर  चढाने से नहीं  चमकता हैं |
2. . जबकि नकली में चमक नहीं बढ़ती है।
3.  जब की  नकली पन्ने के ओर देखने से  शीतलता  महसूस नहीं होती है।
4. जबकि नकली पन्ना  होने पर  हरे रंग की किरणें नहीं  निकलती।
5. जबकि नकली पन्ना से ऐसा नहीं होता  हैं |
6. नकली पन्ना में ऐसा नहीं होता।
7. नकली पन्ना में ऐसा नहीं होता।
8. नकली पन्ने को हल्दी के साथ पत्थर  पर घिसने  से हल्दी  के रंग का हो जाता हैं ।
9. जबकि नकली पन्ने का रंग हरा दिखाई देता हे |
10. नकली पन्ने पर पानी का बूद फैल जाती हे |
11. नकली पन्ने के टूटने पर चमकीला धारियां दिखाई  देती |
12. नकली पन्ने की चीर  कांच के चीर  के  समान होती  है।
13. नकली पन्ने में सफेद झुमके पाए जाते हे |
14. नकली पन्ने के रेशे  सफेद व रूखे होते हैं |

पन्ना खरीदने से पूर्व उसे आग पर अच्छी तरह गरम कर देखाना चाहिए की  चटखता तो नहीं, चटखता नहीं तो ठीक है।

पन्ना के कृत्रिम रूप

संश्लिष्ट  पन्ना  – सर्व पथम 1910 में कैरोल चैथम नामक वैज्ञानिक ने संश्लिष्ट   पन्ना बनाने की विधि का आविष्कार किया। इस प्रक्रिया द्वारा 1953 में तैयार पन्ना बाजार मे  बहुतायत मात्रा में उपलब्ध है।

संश्लिष्ट पन्नों का रंग नीलाभ हरा प्रतीत होता है, जबकि प्राकतिक पन्ने का रंग ऐसा नहीं होता । संश्लिष्ट पन्ने का आपेक्षित घनत्व कोलम्बियाई पन्ने के आ.ध. से मी. कम है। लघुतरंग परा बैगनी किरणों में प्राकृतिक पन्ना अपारदर्शक होता है प्राकृतिक पन्ना  पानी में डूबता है जबकि संश्लिष्ट पन्ना जल पर तैरता है।

कांच का बना कृत्रिम पन्ना-कांच का बना पन्ना  स्पर्श में गरम होता है, जबकि प्राकृतिक या संश्लिष्ट पन्ना ताप का सुचालक होने के कारण स्पर्श में ठंडा लगता है। कांच का पन्ना आंख के सामने रखने से कुछ समय बाद गरम प्रतीत होता है। कांच का पन्ना हाथ में असली की अपेक्षा वजनदार होता है।

प्लास्टिक के बने पन्ने पर गरम सुईं चुभोने से दुर्गन्ध सी आती है तथा ब्लेड व उस्तरे आदि से सरलता पूर्वक काटा जा सकता है।

पन्ना  के उपयोग

अन्य रत्नों की भांति ही Emerald Stone  पन्ना रत्न भी बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है, तथा चिकित्सा के दृष्टिकोण से ज्वर नाशक, अर्श सनिपात. वमन, विष, दमा, शोध और व्याधियों को विनष्ट कर शरीर के बल एवं वीर्य को बढाता है तथा आभूषण  मे जड़वाकर  भी पहना जाता है, साथ ही धन सम्पत्ति की वृद्धि करता है व जादू टोना, नजर, मूठ, मृगी, पागलपन, भूत-प्रेत बाधा आदि के भय को दूर करता है।

पन्ना के उपरत्न

Emerald Stone पन्ना के उपरत्न तीन प्रकार के होते हैं।
1. संगमरगज -यह स्वेताभ हरित वर्ण का होता है। यह विन्ध्याचल हिमालयन व  खम्भात के पर्वतीय क्षेत्रों में पाया जाता है।

2. संगपित मानिया – यह  कुछ रक्ताभ या पित्तभ वर्ण लिए हरितवर्ण का होता है। यह पत्थर गुजरात, गंगा तथा नर्मदा तटवर्ती क्षेत्रों में श्याम चीन आदि देशों में पाया जाता है।

3. संग पन्नी- इस पत्थर के किनारे गहरे हरित वर्ण के बीच में मोटापन तथा स्वेत होते हैं।

नोट -हरित नीलमणि को भी पन्ना की जगह पर प्रयोग किया जाता है।

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