SERP क्या है और कैसे काम करता है?

आज हम जानेंगे की आखिर SERP क्या है और ये केसे काम करता हे | ये तो हम जानते हैं की Internet पर करोड़ों -लाखों website हैं ओर उन websites पर daily लाखों पेज अपलोड किया जाता हैं |
जब भी हम कुछ Google पर Search करते है तो गूगल हमे उसी विषय में Results show करती है. ना की इधर उधर की result show करता हैं |

यूँ हम कह सकते हैं की जब भी कोई Search Engine पर कुछ search करता है तब आपको Search Results में आपके query के अनुसार और google के algorithm के अनुसार ही Search Results listed करता हैं. इन्ही Search Pages SERP भी कहा जाता है.

SERP (Search Engine Results Pages) का महत्व बहुत ही ज्यादा हे क्यूंकि अगर आप एक Blogger हैं और अगर आपके contents Google के SERP में show करें तब automatically आपके Blog पर Organic Traffic बढ़ जाएगी |

इससे आपको बहुत ही अच्छी traffic मिल जाएगी. लेकिन SERP के पहले Page में आना इतना आसान नहीं है क्यूंकि इसके लिए बहुत ही ज्यादा Competition है| इसके लिए आपके blogg मे बहुत जी ज्यादा मेहनत करना पड़ेगा तभी Possible हे|

SERP क्या है (What is SERP in Hindi)

SERP का actual मतलब होता है की Search Engine में एक बार में Show होने वाला पेज,जो अपने keyword से related search किया हैं।
SERP में आपकी जो रैंक होती है उसे पेज रैंक भी कहा जाता है। तो यदि आपके पेज की रैंक पहले से ही हाई है तो वह automatically सर्च रिजल्ट के पहले पेज में ही Show करेंगे, जिससे आपकी वेबसाइट पर ज्यादा लोग आएँगे और Traffic बढ़ते चले जगेगा |what is serp

 

 

Full Form SERP = “Search Engine Results Pages

एक survey मे पाया गया है की 75% से भी ज्यादा लोग Search करते वक़्त First Page से आगे नहीं जाते हैं,अगर वो first से second page मे जाते हे तो obviously उन्हे search से related result नहीं मिल पा  रहा हैं| तो जायज सी बात है की First Page पर आना कितना जरुरी बन जाता है एक Blogger ओर website के लिए |

SERP (SERP Kaise Kaam Karta Hai)

जब visitor अपने google के सर्च query को enter करते हैं ओर कुछ keyword search करते हैं (जहाँ वो मुख्य रूप से Specific term या phrases का इस्तमाल करते हैं जिन्हें हम keyword के नाम से जानते है), जिसके बदले में Search Engine उन्हें SERP प्रदान करता है. जिसकी संख्या 10 ही होती हे |इसलिए हमारे content को कम से कम top 10 के list मे आना (show) ही चाहिए|

आपके Search किये गए हर keyword के अनुसार जितने भी SERP होते है यूनिक ही होते हैं और ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि हर एक Search Engine अपने user के अनुभव के हिसाब से ही SERP दिखाता है। और सर्च इंजन अपने SERP में Organic Results और Paid Results दोनों को हमेशा ही दिखता है।

सर्च इंजन SERP Show करने के लिए Search की गई queries अनुसार अपने index में, pages को ढूंढता है। और सर्च किये जा रहे कीवर्ड के अनुसार ही अपने SERP मे सबसे best webpage को सबसे पहले दिखाता है और इसमें ही कुछ paid results भी show होते हैं।

SERPs के appearance constantly बदलते रहते हैं क्यूंकि Search Engines जैसे की Google, Bing,Yahoo और दुसरे Search Engines Providers अपने users को और भी बेहतर Results प्रदान करने की कोशिश करते हैं. वो निरंतर अपने Search Technology को बदलते रहते हैं उसी तरह गूगल के SERP भी अपने Provider को बेहतर देने के लिए upgrade करते रहते हैं इसलिए आप देख रहे होंगे की आज के SERP और पहले के SERP से काफी अंतर हैं |

what is serp

SERP में दो ही प्रकार के Content होते हैं –
“Organic” results
“Paid” Results.

# ‘Organic’ Results

Organic Results उन web pages या content को कहा जाता है जो की Search Engine’s के Algorithms के अनुसार appear होते हैं. और वो content ओर seo के help से SERP के first पर आते हैं और अपना रैंकिंग बनाए रखते हैं |

organic result serp के first page पर rank करने में बहुत मेहनत, समय और सहनशीलता लगती है लेकिन फिर भी कभी कभी बहुत ज्यादा दिन या साल भी लग सकता हैं | एक research के अनुसार ज़्यादातर लोग organic results पर जाना पसंद करते है |

# Paid Results

यह result सबसे ऊपर show होते हैं। इन websites या articles को Google Ads में पैसे देकर (Promotes)ऊपर लाया जाता है।

इनका पहचान बहुत आसान है, इनके साथ आपको Ad का चिन्ह दिखेगा जिसका मतलब है कि यह paid result है।

इनको ज़्यादातर product Sale करने वाले site और professional bloggers इस्तेमाल करते हैं। और ज़ाहिर सी बात है, अगर वो पैसे खर्च कर रहे हैं तो उनको पैसे मिल भी रहे होंगे। इसलिए वो ऐसे keywords पर अपनी ads लगाते हैं जहाँ लोग ज़्यादातर पैसे खर्च करते हैं। जैसे “best Mobile to buy in 2020” ताकि उनकी website के ज़रिए कोई सामान खरीद सके।

Paid results का बहुत ही ज्यादा फायदा है कि इसे high competition वाले keywords के लिए इस्तेमाल किया जाता है जिन पर rank करने में सालों लग जाते हैं, paid result से किसी और website का keyword जो सालों से रैंक हे उस keyword पर आप paid result से उसी keyword पर rank कर सकते हैं इससे आप एक ही दिन में गूगल के SERP मे first पेज मे top पर पहुँच सकते हैं और ज़्यादा traffic लाकर जल्दी पैसे कमा सकते हैं।

ज्यादातर नई websites अपने products को जल्दी से गूगल के टॉप में दिखाने के Google Ads की मदद से अपने services और products को promote करते हैं।
और जब कोई यूजर सर्च इंजन पर उस सर्विस या प्रोडक्ट से रिलेटेड कीवर्ड सर्च करता है। तो ये paid रिजल्ट भी SERP पर दिखाई देता है।

what is serp

Serp में rank कैसे करें? Serp me rank kaise kare?

अपने article या blogg को को serp में rank करवाने से पहले आपको अपने blog को एक बार google search console में verify करना होगा।
Verify करने के बाद, अब आपका blog तैयार है,अब आपका blog या website का हर content को google के spider के द्वारा crawl कर लिया जाएगा | इसके बाद आपका blog, google sandbox में आ जाता है।

Google sandbox

अगर आपके articles कभी गूगल के first page पर rank करते हैं और कुछ दिन बाध वह first page पर दिखाई नहीं दे रहा तो , इसका मतलब आपका blog google sandbox में है।

उस वक्त google sandbox मे रखकर आपके blog को check करता है कि वह सच में काबिल है कि नहीं, क्या आप सच में लोगों को जानकारी देना चाहते हैं या नहीं। ऐसे समय में भी अगर आप continue मेहनत से quality article लिखते रहते हैं, तो finally आपका article First Page पर  rank होना शुरू हो जाता है।

1.Post Interlinking

आप अपनी पोस्ट में अगर किसी दूसरे पोस्ट की लिंक Add करते है जो नई पोस्ट से Related है तो इससे भी आपका SERP Performance अच्छा होगा। आप किसी पोस्ट का लिंक दूसरी पोस्ट में Add करते है तो उस पोस्ट को सर्च करने पर दूसरी पोस्ट भी show होगी। तो सर्च इंजन में आपकी 2 पोस्ट show होगी जिससे आपको ज्यादा ट्रैफिक मिलेगा।

#Backlink क्या है और Quality Backlink कैसे बनाये?

Links 3 तरह के होते हैं-

# Internal links

Internal linking वो link हैं जो आप अपने article में अपने ही blog का किसी दूसरे article का link दिया हे । इसका यह फायदा है कि अगर एक article high rank करता है तो दूसरा article भी rank करने लगता है और दोनों article मे traffic आने लगेगे |

# External links

अपने article में किसी और blog या blog के content का link देना।

हमें ये negative सोच नहीं रखनी हे की हम अपने article में किसी और का link क्यों दें,Link देने से Yoast का green signal बढ़ेगा और अच्छा seo भी होगा ।

इससे दूसरे bloggers के साथ अच्छे संबंध भी बनते हैं और आप फिर backlinks exchange भी कर सकते है । पर लिंक देते समय यह ध्यान रहे की जिसे हम link दे रहे हे कही वो spamming वाला blog या website तो नहीं हे |

# Backlinks

Backlink का मतलब किसी दूसरे के blog पर अपना blog या content का link लगाना । अच्छी websites से Backlink लेने का आपको बहुत फ़ायदा मिल सकता है | पर ये paid भी हो सकता हे क्यू की free मे अपने वेबसाईट पर कोई link नहीं देना चाहता हैं Google में rank करने के पीछे backlinks का बहुत योगदान होता है | backlink बना कर हम अपने blog को  हम serp मे ला सकते हैं |

2.Images

आप जो भी Image इस्तेमाल करते हैं वह light- weight मतलब ज्यादा high pixel का नहीं होना चाहिए इसे (kb)मे ही होनी चाहिए ताकि article जल्दी load हो सके जिससे आपका blog एकदम professional लगे।

Images को light weight बनाने के लिए आप इन website का इस्तमल कर सकते हैं tinypng, compressjpeg, imageoptimizer आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं।

3.Robots.txt

Robots.txt के ज़रिए हम google के spider को यह बता सकते हैं कि हमें अपने blog के कौनसे page को google में index करवाना है और कौन सा नहीं।

आप अपने blog के categories और tags को google में index नहीं करवाना चाहिए क्यूंकि इससे google को लगता है की आप same content को बार बार अपनी website में डाल रहे हो |

4.Title and Meta description

अपने article का अच्छा title और meta description देना बहुत ही ज़रूरी है क्यूंकि लोग article पढ़ने से पहले title पढ़ के सुनिश्चित करते है की वो यह article उनके काम का हे की नहीं |
description मे post का पूरा संक्षेप होना चाहिए ताकि readers description को पढ़ कर समझ सके ओर क्लिक कर पूरा पोस्ट पढे |

5.Keywords

आपका article मे keywords और similar keywords को जरूर use करना चाहिए ताकि गूगल का cwawl को keyword पर इंडेक्स कराने मे आसानी हो सके।

लेकिन आपको अपने article में keywords एकदम भरने नहीं चाहिए | इसे keyword stuffing कहते है | इसे readers पर गलत impact पड़ता हे क्यू की बार बार एक ही keyword के पढ़ने से reader को ये लगेगा की ये professional blogger नहीं हैं |

6.Site speed

आपकी site की speed भी बहुत महत्त्वपूर्ण है। आपके webpages जल्दी खुलने चाहिए जिससे bounce rate कम होता है और अगर आपका webpage slow खुल रहा हे तो visitor back हो जाएंगे और आपका blog का bounce Rate बढ़ जाएगा |

Google में rank करने के पीछे आपके website की speed बहुत matter करती है | Blog की speed check करने के लिए आप google Amp का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। और अगर कम हे तो आप इसे theme change या hosting provider को चेंज कर के ठीक कर सकते हैं साथ ही आपको cache plugins का इस्तेमाल करना चाहिए जैसे की :- WpRocket , W3 total cache, आदि |

आज आपने क्या सीखा

इस post को पढ़ कर आप जान गए होंगे की SERP क्या है और कैसे काम करता है. इसलिए यदि आपका कोई Website है या कोई Blog है तो उन्हें SERP के Top page में आना कितना ज्यादा ही जरुरी होता है. मैं पूर्ण आशा करता हु की मैंने आप लोगों को SERP क्या है और ये कैसे काम करता है के बारे में पूरी जानकारी दी और आप लोगों को समझ मे भी आ गया होगा| अगर फिर भी ना आए तो आप हमे comments कर सकते हे जिससे मे आपका कुछ help कर सकु |

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